तुम्हारे कई अजमलों के सवाल रहते थे की मां बगलामुखी क्या है तो बगलामुखी 10 महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्यालय जो की शत्रुओं की जीबान पकड़ती है केवल शत्रु इंसान रूपी नहीं होते काम रूपी क्रोध रूपी आलस रूपी यह भी हमारे शरीर के सबसे बड़े शत्रु है जो हमारे जीवन में हमें आगे तरक्की ना होने में दिक्कत देते