पौराणिक कथाओं के अनुसार पौराणिक कथाओं के अनुसार और महाभारत में भी उल्लेख मिलता है की महाभारत के युद्ध के पहले भगवान कृष्ण की आज्ञा से नलखेड़ा में लखुन्दर नदी के तट पर स्थित है जहां पर पांडवों ने एक ही रात में मां बगलामुखी मंदिर का निर्माण किया और मां भगवती को विराजमान किया वहां हवन पूजन अनुष्ठान करने के उपरांत उन्होंने महाभारत का युद्ध किया जिसमें वह विजय की प्रति हुई इसीलिए ही मा बगलामुखी हर चीज में हमें विजय दिलाने वाली है पूरी भाव निष्ठा और भगवती पर भरोसा कर कर अनुष्ठान किया जाए वह 100% सिद्ध होता है